"औता आय परदेशी"
रैन दिवस् इ कोना बीति रहल अछि !
आँखिक नोर नित सिंच रहल अछि !!
नेह हमर जाय बसथि परदेश सखी हे !
हिय नित ताहि बाट देख रहल अछि !!
विरह आगि एहि सरिस मोरा जारय !
साउन-भादो तेहि लाड़ि रहल अछि !!
आवि जाउ झट-पट गांउ छाड़ि नरक !
बिनु आहां जिनगी व्यर्थ रहल अछि !!
औता आय 'चन्द्र' से मोन कहैत अछि !
अाँगन आवि काग कुचरि रहल अछि !!
💘 वी०सी०झा"बमबम"
कैथिनियाँ
रैन दिवस् इ कोना बीति रहल अछि !
आँखिक नोर नित सिंच रहल अछि !!
नेह हमर जाय बसथि परदेश सखी हे !
हिय नित ताहि बाट देख रहल अछि !!
विरह आगि एहि सरिस मोरा जारय !
साउन-भादो तेहि लाड़ि रहल अछि !!
आवि जाउ झट-पट गांउ छाड़ि नरक !
बिनु आहां जिनगी व्यर्थ रहल अछि !!
औता आय 'चन्द्र' से मोन कहैत अछि !
अाँगन आवि काग कुचरि रहल अछि !!
💘 वी०सी०झा"बमबम"
कैथिनियाँ

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