भगवती गीत
✍👤सरोज मण्डल
लालै अर्हुल संग लाल लाल चुनरी।
अछी मैया रानी बढा रै दुलरी।।
सिंह पर सबार छैत मैया शेरावाली।
स्वीकार करु हमर पुजाक थाली।।
ममता के खानी मैया ,अछी सुनरी ।
बढ रै दुलरी,,,,,,,,,,,,,
भोर भिन्सर हम मैया एलो दुवार मे ।
आहाँ से दयावान कियोदुनियाँ संसार मे।।
बिधी नै जानी कोना पुजन आहांक करी।
मैया रानी बढ रे,,,,,,,,,,,,,,,,,
कल जोर बिन्ती मैया करी सब रोज ए।
अहिंक शरण एल अछी सरोज ए।।
अप्न दुखरा जा केकरा सुनाबी ।मैयारानी ,,,,,,,,,,,,,
लालै लालै अर्हुल संग ,लाल चुनरी।
मैया रानी बढ रै दुलरी।।
✍👤सरोज मण्डल
सुन्सरी नेपाल
✍👤सरोज मण्डल
लालै अर्हुल संग लाल लाल चुनरी।
अछी मैया रानी बढा रै दुलरी।।
सिंह पर सबार छैत मैया शेरावाली।
स्वीकार करु हमर पुजाक थाली।।
ममता के खानी मैया ,अछी सुनरी ।
बढ रै दुलरी,,,,,,,,,,,,,
भोर भिन्सर हम मैया एलो दुवार मे ।
आहाँ से दयावान कियोदुनियाँ संसार मे।।
बिधी नै जानी कोना पुजन आहांक करी।
मैया रानी बढ रे,,,,,,,,,,,,,,,,,
कल जोर बिन्ती मैया करी सब रोज ए।
अहिंक शरण एल अछी सरोज ए।।
अप्न दुखरा जा केकरा सुनाबी ।मैयारानी ,,,,,,,,,,,,,
लालै लालै अर्हुल संग ,लाल चुनरी।
मैया रानी बढ रै दुलरी।।
✍👤सरोज मण्डल
सुन्सरी नेपाल
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| गीतकार- सरोज मण्डल जी |


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