गोसाओनिक गीत
✍👤मैथिल प्रशान्त
हमर बारीमे फुलएल फूल अरहुल भकरार मा हे
----------------------------लाल अरहुल भकरार ।
भोरक बसात सिहकय झरय सिंगरहार ।।
---------------------------मा हे झरय सिंगरहार ।
मैयाक रुप अनुप लागै सोहाओन ।
हन हन काता कलराती भयाओन ।।
श्रद्धाक ज्योति आस भेल कचनार ।
बालक अबोध अधम हम जनमी ।
आसीन मास पूजब भरि दशमी ।।
नुपुर पाएर हाथ कंगना सिंगार ।
आँगन हमर बनि अयली कुमारि ।
अगर गुगुल दीप लिअ सभ बारि ।।
मुँहसँ कहब नहि अहाँकेँ सभ छै देखार ।
~> मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।।
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| कबि - मैथिल प्रशान्त जी |


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