निच्छक मिथिलाक पाबनि, चौड़चनक हार्दिक शुभकामनाक संग ई गीत, शुभकामना "समयक धाह पर" आइ किओ "अखरा चान " नहि रहय,सेहो ---
✍👤मैथिल प्रशान्त
पुर करैथ कबूला सभटा ,
कष्ट मेटाबथि सभ संतानकेँ ।
आइ पूजब हिलि-मिलि चौठीचानकेँ ।।
पुरी-पिरिकिया दही केरा ।
भरल अरघसँ छैक चंगेरा ।।
बारीक नेबो बारीक ओल सुआद लेबै मिष्ठानकेँ ।
आइ पूजब -------
शिवक भाल पर छथि विराजति ।
घटैत-बढैत गगन पर साजति ।।
कहैथि बिहुँसति समय होइ नहि सभ एक समानकेँ ।
आइ पूजब ----
आइ एक टोल सन मिथिला लागय ।
चौड़चन पाबनि एकसूत्रमे तागय ।।
सोम देव हे आदि देव प्रतीक अहाँ मैथिल पहिचानकेँ।
~> मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।
✍👤मैथिल प्रशान्त
पुर करैथ कबूला सभटा ,
कष्ट मेटाबथि सभ संतानकेँ ।
आइ पूजब हिलि-मिलि चौठीचानकेँ ।।
पुरी-पिरिकिया दही केरा ।
भरल अरघसँ छैक चंगेरा ।।
बारीक नेबो बारीक ओल सुआद लेबै मिष्ठानकेँ ।
आइ पूजब -------
शिवक भाल पर छथि विराजति ।
घटैत-बढैत गगन पर साजति ।।
कहैथि बिहुँसति समय होइ नहि सभ एक समानकेँ ।
आइ पूजब ----
आइ एक टोल सन मिथिला लागय ।
चौड़चन पाबनि एकसूत्रमे तागय ।।
सोम देव हे आदि देव प्रतीक अहाँ मैथिल पहिचानकेँ।
~> मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।

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