चर्चित तिलाठीकेँ वासिन्दासभ कहल'क, हमरासभके एनजीओकेँ राहत नै चाही
अपन मिथिला/ ४ भादौ :– सप्तरीकेँ तिलाठी चर्चित ठाम अछि। ओतके स्थानीयसभ बीतल वर्ष भारतीय पक्ष एकलौटी हिसावमें लगौने बाँधके विरुद्ध झगड़ा केने छेल आ बाँध नै लागब देने छेल ।
एहि कारणसे पूरा नेपालके ध्यान तिलाठि तरफ गेल छेल । एहो बेरि बाढ़ि से तिलाठी गाम पूरा डूबल अछि । ओतके १५ सौ से बेसी घर डूबल स्थानीयसभ बतौलक। अखुन तक तिलाठीके जनता भूख भूखे अछि ।
सरकार आ विभिन्न संघ संस्थासभ बाढ़ि प्रभावित क्षेत्रमें राहत दरहल अछि। मुदा, चर्चित तिलाठी गामके सर्वसाधरण भ्रष्ट्रचारीसभके देल राहत लैके लेल अस्वीकार केने अछि आ नै लरहल अछि ।
गाममें लोगसभ एनजिओ आ आइएनजिसभके राहत नै चाही कहिके गाममें जय वाल गेटसे घुमा दरहल अछि । मुदा, सर्वसाधारणसभ भूख से संघर्ष कर पड़े रहल अछि ।
तिलाठी गाविसके पूर्वअध्यक्ष दिनेश्वर मिश्रके अनुसार तिलाठी गाम राहत अस्वीकार केने अछि । तिलाठीमें सरकारी राहत कुछ लेलक मुदा बहुत एनजिओ आ आइएनजिओके कर्मचारीसभ बाइट रहल राहत अस्वीकार केने से उ जनकारी देने अछि ।
‘राहतके नाममें बहुत धोखाधरि भरहल खबैर अभ आरहल,’ उ कहलक, ‘एहेन अछि तब तिलाठीवासीसभ के ओहन भ्रट्राचारीसभके रकम नै चाही ।’ तिलाठीके स्थानीयसभ राहत रकम खास आवश्यक नै अछि उ कहलक।
एनजिओ आ आइएनजीओसभ कम कम राहत दके सस्ता लोकप्रीयताके पाछु लागल उ थप कहकल ।
अपन मिथिला/ ४ भादौ :– सप्तरीकेँ तिलाठी चर्चित ठाम अछि। ओतके स्थानीयसभ बीतल वर्ष भारतीय पक्ष एकलौटी हिसावमें लगौने बाँधके विरुद्ध झगड़ा केने छेल आ बाँध नै लागब देने छेल ।
एहि कारणसे पूरा नेपालके ध्यान तिलाठि तरफ गेल छेल । एहो बेरि बाढ़ि से तिलाठी गाम पूरा डूबल अछि । ओतके १५ सौ से बेसी घर डूबल स्थानीयसभ बतौलक। अखुन तक तिलाठीके जनता भूख भूखे अछि ।
सरकार आ विभिन्न संघ संस्थासभ बाढ़ि प्रभावित क्षेत्रमें राहत दरहल अछि। मुदा, चर्चित तिलाठी गामके सर्वसाधरण भ्रष्ट्रचारीसभके देल राहत लैके लेल अस्वीकार केने अछि आ नै लरहल अछि ।
गाममें लोगसभ एनजिओ आ आइएनजिसभके राहत नै चाही कहिके गाममें जय वाल गेटसे घुमा दरहल अछि । मुदा, सर्वसाधारणसभ भूख से संघर्ष कर पड़े रहल अछि ।
तिलाठी गाविसके पूर्वअध्यक्ष दिनेश्वर मिश्रके अनुसार तिलाठी गाम राहत अस्वीकार केने अछि । तिलाठीमें सरकारी राहत कुछ लेलक मुदा बहुत एनजिओ आ आइएनजिओके कर्मचारीसभ बाइट रहल राहत अस्वीकार केने से उ जनकारी देने अछि ।
‘राहतके नाममें बहुत धोखाधरि भरहल खबैर अभ आरहल,’ उ कहलक, ‘एहेन अछि तब तिलाठीवासीसभ के ओहन भ्रट्राचारीसभके रकम नै चाही ।’ तिलाठीके स्थानीयसभ राहत रकम खास आवश्यक नै अछि उ कहलक।
एनजिओ आ आइएनजीओसभ कम कम राहत दके सस्ता लोकप्रीयताके पाछु लागल उ थप कहकल ।

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