मधेशमें स्थानीय निकायकेँ संख्या बढ्त, एहि सs पहिले थप भेल संख्या सदर
अपन मिथिला /साउन २६ । मधेशमें स्थानीय निकायकेँ संख्या बढ्त आब । एहिसे पहिले सरकार मधेशमें बढ़ोने स्थानीय निकायमें सर्वोच्च रोक लगौने छेल ।
आय सर्वोच्च अदालत फेरो संख्या बढाब विरुद्ध परल रिट खारेज करैत संख्या थप हेत से सुनिश्चित केने अछि ।
रिटके विरुद्धमें अधिवक्ता दिपेन्द्र झा आ सुनिल पटेलसहित बहस केने छेल। आ संख्या थप नै करदै के पक्षमें शम्भु थापासहितके अधिवक्तासभ बहस केने छेल ।
अधिवक्ता दिपेन्द्र झा के अनुसार सर्वोच्च उ रिट खारेज केने अछि । आब एहि से पहिले सरकारके निर्णय सदर भेल बतौने अछि । आब मधेशमें संख्या बढ़ाबै के रस्ता खुलल प्रष्ट केने अछि।
आय प्रधान न्यायाधीश गोपाल पराजुली आ न्यायाधीश पुरुषोत्तम भण्डारीके इजलाससे मधेशमें स्थानीय तहमें संख्या बढाब के रस्ता खोलने अछि ।
सरकार स्थानीय तहके संख्या बढाब नैपाबत कहैत अधिवक्ता धनबहादुर श्रेष्ठ आ कृष्णचन्द झा सर्वोच्चमें रिट दायर केने छेल। रिटके आधारमें सर्वोच्च तत्काल स्थानीय तहके संख्या नैबढा से अन्तरिक आदेश जारी केने छेल ।
अपन मिथिला /साउन २६ । मधेशमें स्थानीय निकायकेँ संख्या बढ्त आब । एहिसे पहिले सरकार मधेशमें बढ़ोने स्थानीय निकायमें सर्वोच्च रोक लगौने छेल ।
आय सर्वोच्च अदालत फेरो संख्या बढाब विरुद्ध परल रिट खारेज करैत संख्या थप हेत से सुनिश्चित केने अछि ।
रिटके विरुद्धमें अधिवक्ता दिपेन्द्र झा आ सुनिल पटेलसहित बहस केने छेल। आ संख्या थप नै करदै के पक्षमें शम्भु थापासहितके अधिवक्तासभ बहस केने छेल ।
अधिवक्ता दिपेन्द्र झा के अनुसार सर्वोच्च उ रिट खारेज केने अछि । आब एहि से पहिले सरकारके निर्णय सदर भेल बतौने अछि । आब मधेशमें संख्या बढ़ाबै के रस्ता खुलल प्रष्ट केने अछि।
आय प्रधान न्यायाधीश गोपाल पराजुली आ न्यायाधीश पुरुषोत्तम भण्डारीके इजलाससे मधेशमें स्थानीय तहमें संख्या बढाब के रस्ता खोलने अछि ।
सरकार स्थानीय तहके संख्या बढाब नैपाबत कहैत अधिवक्ता धनबहादुर श्रेष्ठ आ कृष्णचन्द झा सर्वोच्चमें रिट दायर केने छेल। रिटके आधारमें सर्वोच्च तत्काल स्थानीय तहके संख्या नैबढा से अन्तरिक आदेश जारी केने छेल ।

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